जनता के भरोसे और अपराधियों के खौफ का नाम बने चार एसीपी, वाराणसी पुलिस की प्रभावी पुलिसिंग की बनी पहचान

वाराणसी। पुलिसिंग केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि जनता का भरोसा जीतना भी इसकी सबसे बड़ी कसौटी होती है। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के चार सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) — विदुष सक्सेना, डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी, विजय प्रताप सिंह और प्रशांत सिंह — अपने कार्यकाल के दौरान इसी पहचान के साथ चर्चा में रहे। अपराध नियंत्रण से लेकर जनसुनवाई तक, इन अधिकारियों की सक्रिय कार्यशैली ने आम लोगों के बीच विश्वास और अपराधियों में कानून का भय पैदा किया।

इन अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कई संवेदनशील मामलों का त्वरित निस्तारण किया। संगीन अपराधों के खुलासे, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के कारण इनकी कार्यशैली को व्यापक सराहना मिली। जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना भी इनके कार्य का अहम हिस्सा रहा।

प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अब वरुणा जोन की एसीपी विदुष सक्सेना और काशी जोन के एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी का गैर जनपद स्थानांतरण हो गया है। दोनों अधिकारियों ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया और प्रभावी पुलिसिंग की मिसाल पेश की।

वहीं एसीपी विजय प्रताप सिंह और एसीपी प्रशांत सिंह भी अपने सख्त लेकिन जनहितैषी रवैये के कारण लगातार चर्चा में रहे। क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, शांति व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इन अधिकारियों के कार्यकाल को वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की प्रभावी और जनोन्मुखी पुलिसिंग के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी कार्यशैली ने पुलिस के प्रति भरोसा मजबूत किया और कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अहम योगदान दिया।

वाराणसी ब्यूरो चीफ-अमर शर्मा

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