वाराणसी। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से वाराणसी में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। शनिवार रात आठ बजे नदी का जलस्तर 68.46 मीटर दर्ज किया गया। पानी करीब चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। गंगा का खतरे का निशान 71.26 मीटर निर्धारित है।
जलस्तर बढ़ने के कारण शहर के घाटों के बीच संपर्क एक बार फिर टूट गया है। पानी घाटों की सीढ़ियों तक पहुंचने से रोजाना होने वाले धार्मिक और अन्य आयोजन प्रभावित हो रहे हैं। पिछले 10 दिनों से अधिक समय से नौका संचालन पर भी रोक जारी है।
शवदाह स्थलों में करना पड़ा बदलाव
गंगा का पानी बढ़ने से मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर भी स्थिति बदल गई है। जलभराव के कारण शवदाह के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। वहीं, गंगा आरती भी अब घाटों के बजाय ऊंचे स्थानों और छतों से कराई जा रही है।
तटवर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ते जलस्तर ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से लोगों को घाटों के आसपास जाने से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों की टीम जलस्तर और तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
यदि पानी बढ़ने की मौजूदा रफ्तार बनी रही तो आने वाले दो दिनों में वाराणसी में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।



















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