जौनपुर। युवाओं को नशे की लत से बचाने और जनपद को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ड्रग्स के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एन-कार्ड (NCORD) की जिला स्तरीय समिति की मासिक बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा ने की।
बैठक में निर्देश दिए गए कि जनपद के सभी मेडिकल स्टोरों पर मनःप्रभावी (Psychotropic) दवाओं की बिक्री केवल चिकित्सक के वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही की जाएगी। साथ ही दवाओं के क्रय-विक्रय और स्टॉक का पूरा रिकॉर्ड पंजिका में अद्यतन रखना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने पुलिस विभाग को सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों, विद्यालयों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों के आसपास स्थित दुकानों की विशेष जांच की जाएगी। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों के आसपास किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्रग्स तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर पुलिस एवं संबंधित विभागों की संयुक्त चेकिंग भी कराई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
बैठक में नशे के शिकार लोगों के उपचार, नशामुक्ति और पुनर्वास की व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा 18 अगस्त 2026 को जनपद के सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में “नेशनल प्लेज अगेंस्ट ड्रग्स” कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को नशामुक्त भारत बनाने की शपथ दिलाई जाएगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई तभी सफल होगी, जब समाज के सभी वर्ग मिलकर युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए जिम्मेदारी निभाएंगे।













