बीएचयू में बीएफए छात्रों का विरोध, प्रैक्टिकल के कम अंकों पर उठाए सवाल

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में बीएफए के प्रायोगिक परीक्षा परिणाम को लेकर छात्र-छात्राओं का असंतोष मंगलवार को खुलकर सामने आया। केंद्रीय कार्यालय के बाहर विद्यार्थियों ने धरना देकर मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए और प्रायोगिक कॉपियों की दोबारा जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम भी मौके पर पहुंची।

पिछले साल के मुकाबले कम अंक मिलने का दावा

प्रदर्शन कर रही छात्रा नसी चंद ने बताया कि 400 अंकों के प्रायोगिक में इस बार कई विद्यार्थियों को उम्मीद से काफी कम अंक मिले हैं। उनके अनुसार, पिछले वर्ष उन्हें 350 अंक मिले थे, जबकि इस बार 215 अंक दिए गए हैं।

एक अन्य छात्र ने भी बताया कि पिछले साल उसे 365 अंक मिले थे, लेकिन इस बार करीब 240 अंक ही मिले। छात्रों ने अपने पिछले और वर्तमान वर्ष के कला कार्यों के नमूने दिखाकर मूल्यांकन पर सवाल उठाए।

दोबारा मूल्यांकन और शुल्क प्रक्रिया रोकने की मांग

विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने मुख्य रूप से तीन मांगें रखीं। छात्रों का कहना है कि सभी प्रायोगिक कॉपियों की पुनः जांच कराई जाए, जांच पूरी होने तक शुल्क जमा करने की प्रक्रिया रोकी जाए और 400 अंकों के प्रायोगिक मूल्यांकन के मानक स्पष्ट किए जाएं।

छात्रों ने मांग की कि उन्हें बताया जाए कि अंक निर्धारित करने के लिए किन मापदंडों का इस्तेमाल किया गया है।

आश्वासन के बाद भी नहीं मिला समाधान

छात्रों के मुताबिक, वे शनिवार को भी अपनी शिकायत लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे थे। उस समय समस्या के समाधान का भरोसा दिया गया था। रविवार को संकाय की टीम ने विद्यार्थियों से संपर्क कर उनके मोबाइल नंबर और ई-मेल की जानकारी ली थी।

हालांकि, सोमवार तक कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिलने पर मंगलवार को छात्र फिर केंद्रीय कार्यालय पहुंचे और धरना शुरू कर दिया।

बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रभावित होने का दावा

प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि प्रायोगिक परीक्षा में करीब दो से तीन हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे और बड़ी संख्या में छात्र कम अंक मिलने से प्रभावित हैं। उनका कहना है कि कई विद्यार्थी दूसरे जिलों से आते हैं, इसलिए सभी छात्र धरने में शामिल नहीं हो सके।

विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

वाराणसी ब्यूरो चीफ-अमर शर्मा

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