वाराणसी। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मंगलवार को जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि आम लोगों से जुड़ी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों के भुगतान में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जननी सुरक्षा योजना में 12,744 लाभार्थियों को भुगतान
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अब तक 12,744 लाभार्थियों को योजना का भुगतान किया जा चुका है। इस उपलब्धि के साथ वाराणसी प्रदेश में छठे स्थान पर है।
जिलाधिकारी ने लंबित मामलों की जानकारी लेते हुए संबंधित चिकित्सा संस्थानों को सभी पात्र लाभार्थियों का भुगतान निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
कम टीकाकरण वाले क्षेत्रों की होगी पड़ताल
टीकाकरण की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने इसकी ग्राम सभा और सब-सेंटर स्तर तक समीक्षा करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में टीकाकरण का प्रतिशत कम है, वहां कमी के कारणों की पहचान कर तत्काल सुधार किया जाए।
उन्होंने सभी पात्र बच्चों का समय से शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
हेल्थ डैशबोर्ड में वाराणसी पांचवें स्थान पर
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश हेल्थ डैशबोर्ड की रैंकिंग में वाराणसी वर्तमान में पांचवें स्थान पर है। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रदर्शन में और सुधार लाने के लिए लगातार निगरानी और समीक्षा करने के निर्देश दिए।
नमो शक्ति रथ से स्तन कैंसर स्क्रीनिंग पर जोर
‘नमो शक्ति रथ’ के जरिए चल रहे स्तन कैंसर स्क्रीनिंग अभियान की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अभियान को अधिक प्रभावी बनाने और अधिक से अधिक पात्र महिलाओं की जांच कराने के निर्देश दिए। स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्ध मामलों में आगे की आवश्यक जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
290 आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस के निर्देश
जननी सुरक्षा योजना में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले की 290 आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से योजना के तहत कोई प्रसव नहीं कराया गया। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित आशा कार्यकर्ताओं को नियमानुसार नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, कृमि मुक्ति दिवस, गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम और टीबी मुक्त भारत अभियान समेत अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति भी देखी गई। जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति और विभाग की आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।























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