चंदौली। क्षेत्र के सेवई के पुरवा गांव में गुरुवार की शाम जैसे ही सैनिक बिजेंद्र यादव का पार्थिव शरीर पहुंचा, पूरे गांव में कोहराम मच गया। युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय के नारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया। पुलिस बल ने घर पर ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया और बलुआ के पास सराय घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार और ग्रामीणों में मातम
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता लल्लन यादव, माता निर्मला देवी, पत्नी प्रज्ञा, बड़े भाई देवेंद्र और छोटे भाई सत्येंद्र शव से लिपटकर फफक पड़े। ग्रामीणों का कहना था कि बिजेंद्र परिवार का सहारा थे, उनकी असमय मौत से पूरा गांव शोक में डूब गया है।
सेवा और तैनाती
बिजेंद्र यादव राजपूत बटालियन में सिपाही के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2018 में उनकी पहली पोस्टिंग लद्दाख में हुई थी। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश के सागर में तैनात थे। बुधवार की सुबह कमांडेंट का फोन उनके पिता के पास आया और बेटे के निधन की सूचना दी गई।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
मौके पर उपजिलाधिकारी कुंदन राज कपूर, क्षेत्राधिकारी स्नेहा तिवारी, बलुआ एसओ अतुल कुमार और धानापुर इंस्पेक्टर डॉ. आशीष मिश्रा सुरक्षा बल के साथ पहुंचे। विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव समेत कई जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की और श्रद्धांजलि अर्पित की।
मौत का कारण अब तक अस्पष्ट
हालांकि मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। ग्रामीणों और परिवार में तरह-तरह की चर्चाएं हैं—कुछ इसे बीमारी से जोड़ रहे हैं।
इस दौरान डॉ. राजेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. अखिलेश अग्रहरी, मनोज सिंह काका, देवेंद्र सिंह मुन्ना, जिला पंचायत सदस्य रविन्द्र यादव, प्रधान आशुतोष सिंह, अभय यादव पीके समेत बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
विशेष संवाददाता- गनपत राय













