चंदौली। जिले की राजनीति में युवाओं की ताक़त और ऊर्जा को नया स्वर देने वाले पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने रविवार को प्रेस वार्ता में केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने नौजवानों का भविष्य छीन लिया है और उनके सपनों को अधूरा छोड़ दिया है। “अग्निवीर योजना” लाकर न केवल युवाओं की मेहनत और संघर्ष को नज़रअंदाज़ किया गया है, बल्कि देश की सुरक्षा को भी दांव पर लगा दिया गया है।
मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि चंदौली की धरती हमेशा बदलाव और संघर्ष की गवाह रही है। आज यहां से एक नई आवाज़ उठ रही है—नौजवानों की आवाज़। यह आवाज़ कहती है कि अब युवाओं का पसीना और मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में स्थायी भर्ती की राह फिर से खुलेगी और हर मेहनतकश बेटा-बेटी को सेना में जाकर देश सेवा का पूरा हक़ मिलेगा।
15 सितंबर को युवाओं के लिए विशेष आयोजन
पूर्व विधायक ने घोषणा की कि 15 सितंबर को धानापुर के अमरवीर इंटर कॉलेज ग्राउंड में 1600 मीटर दौड़ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता केवल खेल तक सीमित नहीं होगी, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास, साहस और संघर्ष का प्रतीक बनेगी। हजारों की संख्या में युवाओं की भागीदारी की संभावना जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन नौजवानों के लिए एक नई शुरुआत होगा। दौड़ प्रतियोगिता यह संदेश देगी कि युवाओं का संघर्ष जारी है और उनके अधिकार को छीना नहीं जा सकता।
समाजवादी पार्टी नौजवानों के साथ
मनोज सिंह डब्लू ने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से नौजवानों की ताक़त और उनके भविष्य की लड़ाई के साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा—“यह लड़ाई केवल रोजगार की नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और सपनों की है। जब युवाओं का हक़ छीना जाता है, तो समाज का भविष्य भी अंधकारमय हो जाता है। इसलिए यह संघर्ष हर घर के बेटे-बेटी के सम्मान और भविष्य की लड़ाई है।”
युवाओं में उत्साह और जोश
इस ऐलान के बाद जिले भर के युवाओं में गजब का उत्साह है। गांव-गांव में इस प्रतियोगिता की चर्चा हो रही है और बड़ी संख्या में युवक-युवतियां इसमें भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं। खेल प्रेमियों के साथ-साथ अभिभावक भी इस आयोजन को सकारात्मक कदम मान रहे हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह प्रतियोगिता चंदौली की राजनीति और सामाजिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव ला सकती है। यह केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप ले सकता है, जिसमें नौजवान अपनी ताक़त और आवाज़ दोनों दिखाएंगे।













