चंदौली। चहनियां वाया बलुआ मुख्य मार्ग से जुड़ा सराय गांव का सौ मीटर का लिंक मार्ग आज तक नहीं बन सका है। नतीजतन, यहां दर्जनभर से अधिक रिहायशी मकानों में रहने वाले लोगों को हर बरसात में दलदल और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है।
सरकारी डॉक्टर से लेकर हॉस्पिटल तक प्रभावित
इस अधूरे मार्ग पर कई महत्वपूर्ण मकान बने हुए हैं। यहां सरकारी डॉक्टर, निजी बच्चों का हॉस्पिटल, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग रहते हैं। आए दिन मरीजों और आम लोगों को इसी उबड़-खाबड़ रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।
बारिश में भर जाता है पानी
बरसात शुरू होते ही इस मार्ग पर चारों ओर खेतों का पानी भर जाता है। मिट्टी और ईंट के टुकड़े डालकर ग्रामीणों ने अपने स्तर से रास्ता सुधारने की कोशिश की, लेकिन वह भी कामचलाऊ साबित हुआ। हल्की बारिश होते ही यहां फिसलन और कीचड़ से स्थिति और बिगड़ जाती है।
ग्रामीणों की नाराज़गी
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस मार्ग के निर्माण के लिए प्रधान को लिखित और मौखिक दोनों तरह से प्रस्ताव दिया, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। कुछ लोगों ने निजी खर्च से अस्थायी सुधार कर लिया, लेकिन बाकी लोग अब भी कीचड़ से होकर अपने घर जाते हैं।
प्रधानपति की सफाई
इस मामले में प्रधानपति अभय सिंह का कहना है कि दो वर्ष पहले मनरेगा से कच्चे मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन आज तक मंजूरी नहीं मिली। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द संज्ञान लेकर इस समस्या से निजात दिलाएगा।









