वाराणसी | गोमती जोन के डीसीपी आकाश पटेल ने मंगलवार को एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसने पुलिस के मानवीय चेहरे को एक बार फिर सामने ला दिया। हरहुआ ओवरब्रिज पर हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल पड़े व्यक्ति को डीसीपी ने न सिर्फ खुद उठाया, बल्कि अपनी गाड़ी से अस्पताल भी पहुंचवाया। समय पर इलाज मिलने से घायल की जान बच गई।
जोन में भ्रमण के दौरान दिखा हादसा
डीसीपी आकाश पटेल बाबतपुर कार्यालय में जनसुनवाई के बाद वीआईपी ड्यूटी की चेकिंग और जोन का निरीक्षण कर रहे थे।
इसी दौरान हरहुआ ओवरब्रिज के पास सड़क पर भीड़ दिखाई दी। डीसीपी ने तत्काल गाड़ी रुकवाई और मौके पर पहुँचे। वहाँ एक व्यक्ति गंभीर हालत में तड़प रहा था।
डीसीपी ने खुद गोद में उठाया घायल, दौड़ाई सरकारी गाड़ी
घटना स्थल की हालत देखकर उन्होंने बिना देर किए कार्रवाई शुरू कर दी। डीसीपी पटेल ने घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए:
- उसे अपने हाथों से गोद में उठाया,
- सरकारी वाहन में तुरंत बैठाया,
- और नजदीकी अस्पताल तक खुद लेकर गए।
डॉक्टरों के अनुसार, समय पर मिली मदद से घायल की जान को बड़ा खतरा टल गया।
थाने को दिए कड़े निर्देश
अस्पताल पहुंचाने के बाद डीसीपी ने थाना बड़ागांव पुलिस को:
- मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने,
- सबूत संरक्षित रखने,
- और पुल पर यातायात बाधित न होने देने के निर्देश दिए।
लोगों ने की जमकर सराहना
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने डीसीपी की इस त्वरित कार्रवाई की तारीफ करते हुए कहा कि—
“आज के समय में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खुद घायल को उठाकर अस्पताल ले जाना बड़ी बात है, यह असली जनसेवा है।”
डीसीपी आकाश पटेल की तत्परता और संवेदनशीलता ने इस घटना को वाराणसी में चर्चा का विषय बना दिया है।













