चंदौली। जनपद में गेहूं खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने नवीन मंडी स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्रय केंद्रों की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए साफ निर्देश दिए कि किसी भी तरह की लापरवाही या शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने केंद्रों पर कांटा, बोरी, नमी मापक यंत्र सहित अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता जांची और संतोष जताया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया या बार-बार चक्कर लगवाए गए, तो संबंधित केंद्र प्रभारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अभिलेख, निरीक्षण पंजिका और शिकायत रजिस्टर का भी परीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसानों के रजिस्ट्रेशन के अनुसार क्रमवार तौल कराई जाए और गेहूं खरीद ई-पॉस मशीन के जरिए ही की जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो।
किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि अब गेहूं बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इससे अधिक संख्या में किसान सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेच सकेंगे। डीएम ने बताया कि गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है और केंद्र रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित हो रहे हैं। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है।
इसके अलावा जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह को निर्देश दिया गया है कि जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए, जिससे बोरे की उपलब्धता, भुगतान और तकनीकी समस्याओं की निगरानी कर उनका समय पर समाधान किया जा सके। सभी क्रय केंद्रों पर बैनर लगाकर जरूरी जानकारी प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान किसानों के लिए पेयजल और छायादार बैठने की व्यवस्था भी संतोषजनक पाई गई। इस दौरान मंडी सचिव सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।













