मेरठ। शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को आवास विकास परिषद ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हापुड़ रोड स्थित ग्रैंड स्क्वेयर कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कॉम्प्लेक्स में संचालित करीब 200 दुकानों को सील कर दिया गया, जिससे व्यापारियों में नाराजगी और चिंता का माहौल देखने को मिला।
इस कार्रवाई की सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि इसी कॉम्प्लेक्स में चर्चित यूट्यूबर शादाब जकाती का “वन ग्राम ज्वेलरी” शोरूम भी मौजूद है। आवास विकास परिषद की टीम ने उनके शोरूम को भी सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान कई व्यापारियों ने विरोध जताया और अधिकारियों से बहस भी की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल कॉम्प्लेक्स के बाहर तैनात कर दिया गया था। इसके बाद आवास विकास परिषद की टीम ने एक-एक दुकान पर कार्रवाई शुरू की। प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई व्यापारी अपने दस्तावेज लेकर अधिकारियों से बातचीत करते नजर आए।
कॉम्प्लेक्स के मालिक ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना और पर्याप्त नोटिस के सीलिंग की गई है। उनका कहना है कि यह कॉम्प्लेक्स करीब तीन वर्ष पहले बना था और इस दौरान कभी किसी प्रकार की गंभीर आपत्ति या कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
जानकारी के अनुसार हाल ही में यूट्यूबर शादाब जकाती ने यहां अपने “वन ग्राम ज्वेलरी” शोरूम का उद्घाटन किया था। उद्घाटन कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने के कारण प्रशासन ने उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था। बाद में गिरफ्तारी के बाद उन्हें थाने से ही जमानत मिल गई थी। अब उनके शोरूम पर हुई सीलिंग कार्रवाई ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।
कॉम्प्लेक्स में कारोबार करने वाले कई व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कार्रवाई के स्पष्ट कारण नहीं बताए गए। व्यापारियों का कहना है कि अचानक हुई सीलिंग से उनका व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो गया है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इस कार्रवाई को हाल के विवादों और प्रशासनिक सख्ती से जोड़कर भी देख रहे हैं। हालांकि आवास विकास परिषद की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर मेरठ के कारोबारी और सोशल मीडिया जगत में चर्चाओं का दौर जारी है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।













