लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले करते हुए 9 अफसरों की नई तैनाती की है। इस फेरबदल में कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। प्रशासनिक हलकों में इसे महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
कानपुर जोन के एडीजी आलोक सिंह को प्रमोशन के बाद एडीजी पीएसी मुख्यालय बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें विशेष सुरक्षा बल (SSF) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उनकी जगह आगरा जोन की एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ को कानपुर जोन का नया एडीजी नियुक्त किया गया है।
वहीं एडीजी अपराध एस.के. भगत को आगरा जोन की जिम्मेदारी दी गई है। एडीजी यातायात एवं सड़क सुरक्षा ए. सतीश गणेश को यातायात विभाग के साथ एडीजी अपराध का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी दी है। डीजी सीआईडी विनोद कुमार सिंह को साइबर क्राइम के साथ अब यूपी-112 की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं ध्रुव कांत ठाकुर को डीजी नागरिक सुरक्षा के साथ होमगार्ड विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
पुलिस महानिदेशक जय नारायण सिंह को यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड से हटाकर ईओडब्ल्यू लखनऊ का डीजी बनाया गया है। दूसरी ओर आर.के. स्वर्णकार को एडीजी पीएसी मुख्यालय से हटाकर यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में नई तैनाती दी गई है।
आईजी अभियोजन गीता सिंह को प्रशिक्षण निदेशालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तबादलों में कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां देकर सरकार ने प्रशासनिक संतुलन साधने की कोशिश की है। आलोक सिंह को पीएसी के साथ विशेष सुरक्षा बल का प्रभार दिया गया है, जबकि विनोद कुमार सिंह को सीआईडी, साइबर क्राइम और यूपी-112 तीनों अहम इकाइयों की जिम्मेदारी मिली है। वहीं ध्रुव कांत ठाकुर को नागरिक सुरक्षा के साथ होमगार्ड विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।













