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1600 करोड़ के फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 68 बैंक खातों से हुआ था संदिग्ध लेनदेन

कानपुर। करोड़ों रुपये के संदिग्ध बैंक लेनदेन और फर्जी जीएसटी फर्मों के जरिए बड़े वित्तीय घोटाले को अंजाम देने वाले कथित मास्टरमाइंड महफूज आलम उर्फ पप्पू छूरी वाला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और फरवरी महीने से कोलकाता में छिपकर रह रहा था। बंगाल चुनाव समाप्त होने के बाद वह समझौते के उद्देश्य से कानपुर पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि महफूज आलम और उसके नेटवर्क द्वारा 12 अलग-अलग बैंकों में कुल 68 बैंक खाते संचालित किए जा रहे थे। इन खातों के माध्यम से पिछले ढाई वर्षों में करीब 1600 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ। मामले के खुलासे के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की शुरुआत 16 फरवरी को यशोदा नगर क्षेत्र में कथित आठ लाख रुपये की लूट की सूचना से हुई थी। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि वासिद और अरशद नामक दो युवक महफूज के लिए काम करते थे। इन दोनों ने शिवांश टेनरी के बैंक खाते से लगभग 3.20 करोड़ रुपये निकाले थे। आरोप है कि निकाली गई रकम का बड़ा हिस्सा महफूज के परिजनों और सहयोगियों तक पहुंचाया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। गरीब और जरूरतमंद लोगों को बीमा योजनाओं, सरकारी लाभ और आर्थिक सहायता का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल किए जाते थे। इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी जीएसटी फर्में बनाई जाती थीं और विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे। इन खातों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेनदेन और धन के ट्रांसफर के लिए किया जाता था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का वित्तीय खेल खेला गया। जांच में कई ऐसे खाते सामने आए हैं जिनमें असामान्य रूप से भारी रकम का लेनदेन हुआ, जबकि खाताधारकों को खुद इसकी पूरी जानकारी तक नहीं थी। कई पीड़ितों ने शिकायत की कि उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी कारोबार और बैंकिंग गतिविधियां संचालित की गईं।

मामले में चकेरी और जाजमऊ थानों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इससे पहले महफूज के साले महताब और उसके बेटे मासूम को भी गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली थीं, जिसके बाद पुलिस ने महफूज की तलाश तेज कर दी थी।

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में किन-किन लोगों और संस्थाओं की मिलीभगत रही। जांच एजेंसियां बैंक खातों, जीएसटी रजिस्ट्रेशन और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच कर रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि मामले में आर्थिक अपराध शाखा और अन्य एजेंसियों की मदद भी ली जा सकती है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क का दायरा कई राज्यों तक फैला हो सकता है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

ब्यूरो प्रमुख- ​कानपुर

Ruchi Chaubey Avatar

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