नई दिल्ली। गोरक्षनाथ सनातन संघ ने बहुचर्चित सबरीमाला मंदिर प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखने का दावा किया है। संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पंडित संतोष मिश्रा ने बताया कि संविधान पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है और न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
संघ की ओर से अधिवक्ता आशीष कुमार राय ने संविधान पीठ के समक्ष पैरवी करते हुए सनातन परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और भारतीय मंदिर व्यवस्था की विशेष परंपराओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन धार्मिक परंपराएं और मंदिरों की स्वायत्त व्यवस्थाएं संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था के अधिकार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनका संरक्षण आवश्यक है।
सुनवाई के बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार त्रिपाठी ने अधिवक्ता दल और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन सनातन धर्म, धार्मिक परंपराओं और मंदिरों की गरिमा की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।
वहीं राष्ट्रीय संयोजक ओमकार सिंह ने कहा कि संगठन को विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता और करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था के संतुलन को ध्यान में रखते हुए न्यायपूर्ण फैसला देगा।
इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सनातन धर्म से जुड़े लोग मौजूद रहे। सभी ने न्यायालय की प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।









