नई दिल्ली। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, कैफे, मॉल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाला फ्री वाई-फाई लोगों के लिए बड़ी सुविधा बन चुका है। हालांकि, यह सुविधा कई बार साइबर अपराधियों के लिए भी अवसर बन जाती है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि असुरक्षित पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग करने पर यूजर्स की निजी जानकारी, पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल्स और डिजिटल अकाउंट्स खतरे में पड़ सकते हैं।
फ्री वाई-फाई कैसे बन सकता है खतरा
पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क आमतौर पर बड़ी संख्या में लोगों के लिए खुले होते हैं। ऐसे नेटवर्क में सुरक्षा व्यवस्था कई बार कमजोर होती है, जिसका फायदा हैकर्स उठा सकते हैं। साइबर अपराधी एक ही नेटवर्क पर मौजूद यूजर्स की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश करते हैं और संवेदनशील जानकारी हासिल कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार कई बार नकली वाई-फाई नेटवर्क भी बनाए जाते हैं, जो नाम और स्वरूप में बिल्कुल असली नेटवर्क जैसे दिखाई देते हैं। यूजर जैसे ही ऐसे नेटवर्क से जुड़ता है, उसकी निजी जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच सकती है।
बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट सबसे ज्यादा जोखिम में
सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, नेट बैंकिंग या महत्वपूर्ण खातों में लॉगिन करने से बचना चाहिए। असुरक्षित नेटवर्क पर भेजी जा रही जानकारी को हैकर्स बीच में ही इंटरसेप्ट कर सकते हैं, जिससे बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
कई मामलों में यूजर्स को लंबे समय तक इसका पता भी नहीं चलता और बाद में उनके बैंक खातों से रकम निकलने या डिजिटल फ्रॉड की जानकारी सामने आती है।
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये सावधानियां
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि फ्री वाई-फाई का उपयोग पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
- केवल आधिकारिक और भरोसेमंद वाई-फाई नेटवर्क से ही जुड़ें।
- नेटवर्क का नाम कन्फर्म करने के बाद ही कनेक्ट करें।
- बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और संवेदनशील कार्यों के लिए मोबाइल डेटा का उपयोग करें।
- वेबसाइट खोलते समय HTTPS सुरक्षा का ध्यान रखें।
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) सक्रिय रखें।
- डिवाइस और ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट करते रहें।
- मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करें।
- अनजान लिंक और पॉप-अप पर क्लिक करने से बचें।
सुविधा के साथ सुरक्षा भी जरूरी
आज के डिजिटल युग में फ्री पब्लिक वाई-फाई लोगों की दैनिक जरूरत का हिस्सा बन चुका है। यात्रा के दौरान या मोबाइल डेटा समाप्त होने पर यह काफी उपयोगी साबित होता है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूजर बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन करें और सार्वजनिक नेटवर्क पर संवेदनशील गतिविधियों से बचें, तो वे फ्री वाई-फाई की सुविधा का लाभ उठाते हुए अपनी डिजिटल सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं।













