वाराणसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र से लापता हुए नाबालिग को वाराणसी पुलिस ने झारखंड के सिमडेगा जिले से सकुशल बरामद कर लिया। नाबालिग के मिलने की खबर से परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर पुलिस टीम का आभार जताया।
जानकारी के मुताबिक नाबालिग एक अगस्त को अचानक घर से लापता हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने स्वयं प्रकरण का संज्ञान लिया और उसकी जल्द बरामदगी के लिए विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए।
तकनीकी निगरानी से मिला सुराग
एसओजी, सर्विलांस सेल और बड़ागांव पुलिस की संयुक्त टीम ने नाबालिग की तलाश शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी माध्यमों से जानकारी जुटाई। इसके अलावा पुलिस ने मानवीय स्रोतों की मदद से भी सुराग तलाशे।
जांच के दौरान नाबालिग की लोकेशन झारखंड के सिमडेगा थाना क्षेत्र में मिली। इसके बाद वाराणसी पुलिस ने स्थानीय पुलिस से संपर्क कर संयुक्त कार्रवाई की और नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया।
काम की तलाश में घर से निकला था
पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह घर की परिस्थितियों से परेशान था। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वह काम की तलाश में साइकिल से घर से निकला था। रास्ते में उसे उड़ीसा की ओर जा रहा एक ट्रक मिला, जिसमें वह बैठ गया और आगे चला गया।
सिमडेगा पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने उसे सकुशल बरामद कर लिया और आवश्यक कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों ने पुलिस को दिया धन्यवाद
नाबालिग के सकुशल घर लौटने पर परिजन भावुक हो गए। उन्होंने पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल से मुलाकात कर पुलिस टीम की तत्परता के लिए आभार जताया।
पुलिस आयुक्त ने बरामदगी में शामिल एसओजी, सर्विलांस सेल और बड़ागांव पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने नाबालिग को समझाते हुए भविष्य में बिना परिवार को बताए घर से बाहर नहीं जाने की सलाह दी।























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