अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा को पहली एसआईटी की जांच रिपोर्ट से राहत मिली है। रिपोर्ट में दोनों के खिलाफ किसी आपराधिक भूमिका के प्रमाण नहीं मिलने की बात सामने आई है।
उत्तर प्रदेश गृह विभाग ने एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेज दिया है। जांच के दौरान चंपत राय और अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की गई थी।
आठ आरोपियों पर कार्रवाई का रास्ता साफ
मामले में पहले से नामजद आठ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहने की संभावना है। इन आरोपियों के खिलाफ जून में एफआईआर दर्ज की गई थी और बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था।
चढ़ावे के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों को लेकर विवाद सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 27 जून को ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया था।
पुनर्गठित एसआईटी की जांच जारी
हालांकि, पहली एसआईटी की रिपोर्ट को मामले की अंतिम स्थिति नहीं माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित पुनर्गठित एसआईटी अभी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
अदालत ने जांच एजेंसी को मामले की जांच तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने और स्थिति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में फिलहाल चंपत राय और अनिल मिश्रा को पहली एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर राहत मिली है, जबकि मामले की व्यापक जांच अभी जारी है।























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