रायगढ़। तमनार नगर पंचायत को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। हाईकोर्ट द्वारा गठित नगर पंचायत समिति पर रोक लगाए जाने के बावजूद तमनार में नगर पंचायत कमेटी की गतिविधियां जारी हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि एक ओर अदालत का स्टे आदेश प्रभावी है, वहीं दूसरी ओर अध्यक्ष और अधिकारियों की मौजूदगी में सुशासन तिहार शिविर आयोजित कर लोगों से आवेदन भी लिए जा रहे हैं। इससे पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने तमनार और बासनपाली ग्राम पंचायतों को मिलाकर नगर पंचायत तमनार के गठन की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद 16 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के तहत अश्वनी पटनायक को अध्यक्ष, सुरेंद्र साहू को उपाध्यक्ष और अन्य सदस्यों का मनोनयन किया गया था।
इस निर्णय के खिलाफ ग्राम पंचायत तमनार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि तमनार ब्लॉक अनुसूचित क्षेत्र में आता है और नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जब तक निर्वाचित निकाय का गठन नहीं हो जाता, तब तक पूर्व की ग्राम पंचायत का अधिकार क्षेत्र बना रहता है। ऐसे में समिति का गठन नियमों के विरुद्ध है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 16 फरवरी 2026 की अधिसूचना के आधार पर गठित समिति के कामकाज पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी थी। अदालत ने पूर्व में दी गई अंतरिम राहत को भी बरकरार रखा है। इसके बावजूद तमनार में नगर पंचायत कमेटी द्वारा शिविर आयोजित किए जाने और प्रशासनिक गतिविधियां चलाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सुशासन तिहार के तहत लगाए गए शिविर में अध्यक्ष अश्वनी पटनायक और सीएमओ भी शामिल हुए। शिविर में लोगों से आवेदन लिए गए और नगर पंचायत की तरह कार्य किए गए। इससे ग्राम पंचायत पक्ष ने नाराजगी जताई है और इसे अदालत के आदेश की अवहेलना बताया है।
ग्राम पंचायत से जुड़े लोगों का कहना है कि जब तक अंतिम आदेश नहीं आता और चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक ग्राम पंचायत को ही अधिकार क्षेत्र में रहना चाहिए। वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत कमेटी की सक्रियता से विवाद और बढ़ता नजर आ रहा है।
बताया जा रहा है कि 27 अप्रैल को हुई सुनवाई में अदालत ने शासन से जवाब मांगा है। फिलहाल स्टे आदेश जारी है, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग दिखाई दे रही है। अब सबकी नजर अगली सुनवाई और शासन के जवाब पर टिकी हुई है।













