लखनऊ। समाजवादी पार्टी से जुड़े प्रतीक यादव के निधन के बाद सोशल मीडिया और कुछ अनौपचारिक रिपोर्ट्स में उनकी कथित वसीयत और संपत्ति को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। इनमें कहा जा रहा है कि पारिवारिक विवाद के बाद उन्होंने अपनी करोड़ों की संपत्ति अपनी दोनों बेटियों के नाम कर दी थी।
इन दावों के अनुसार वसीयत में लखनऊ की कृषि भूमि, कैंट क्षेत्र की एक बड़ी इमारत और कुछ रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स का उल्लेख बताया जा रहा है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि संपत्ति पर 27 वर्ष की शर्त लगाई गई थी, जिसके तहत तय उम्र से पहले न तो उसे बेचा जा सकता है और न ही हस्तांतरित किया जा सकता है।
हालांकि, अब तक इन दावों की किसी भी आधिकारिक दस्तावेज, परिवार के बयान या कानूनी स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। न ही अपर्णा यादव या परिवार के किसी सदस्य की ओर से इस विषय पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वसीयत या संपत्ति से जुड़े मामलों की पुष्टि केवल कानूनी दस्तावेजों और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही की जा सकती है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही जानकारियों को फिलहाल अपुष्ट माना जा रहा है।
प्रतीक यादव के निधन के बाद परिवार और राजनीतिक हलकों में शोक का माहौल है, वहीं इस तरह की चर्चाओं को लेकर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।









