मिर्ज़ापुर। परिक्षेत्र की डीआईजी पूनम ने सोमवार को परिक्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आम नागरिकों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का शीघ्र, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
जनसुनवाई में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों, विभागीय मामलों और व्यक्तिगत शिकायतों से जुड़े बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे। डीआईजी पूनम ने प्रत्येक फरियादी को बारी-बारी से सुना और उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा और प्रत्येक मामले का निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीआईजी पूनम ने कहा कि पुलिस व्यवस्था का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना भी है। उन्होंने कहा कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास मजबूत करना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा, “पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनसेवा है। फरियादियों की समस्याओं को सुनना और उनका उचित समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
यह जनसुनवाई कार्यक्रम एडीजी जोन वाराणसी की मंशा के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान कर पुलिस व्यवस्था के प्रति भरोसा और मजबूत करना है।
बैठक के दौरान मौजूद अधिकारियों को नियमित फॉलो-अप करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि शिकायतों के निस्तारण की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा सके और पीड़ितों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रशासन का कहना है कि ऐसे जनसुनवाई कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही और जनविश्वास दोनों को मजबूती मिले।













