वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के कलीपुर गांव में भूमि अधिग्रहण और लैंड पूलिंग डेवलपमेंट योजना को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों और किसानों ने गांव के मुखिया (ग्राम प्रधान) के आवास का घेराव कर अपनी नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद उन्हें समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी गई। किसानों का कहना है कि गांव के मुखिया होने के नाते प्रधान को ग्रामीणों के हितों की रक्षा करनी चाहिए थी, लेकिन बिना व्यापक चर्चा और सहमति के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने दी गई।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं और आवश्यकता पड़ने पर भूमि देने को तैयार हैं, लेकिन उनकी प्रमुख चिंता अपने घरों और भविष्य को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि पीढ़ियों से उनका परिवार इसी गांव में निवास कर रहा है और भूमि अधिग्रहण के बाद उनके पुनर्वास तथा भविष्य की कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों ने मांग की कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े अधिकारी गांव में आकर खुली बैठक करें और किसानों की शंकाओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि अधिग्रहण प्रक्रिया, मुआवजा, पुनर्वास और अन्य सुविधाओं के संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया और अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास के साथ हैं, लेकिन उनकी समस्याओं और अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है, जबकि ग्रामीण प्रशासन और संबंधित विभागों से संवाद स्थापित कर समाधान की मांग कर रहे हैं।













