वाराणसी। मई महीने की शुरुआत के साथ ही एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। 1 मई से तेल विपणन कंपनियां घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए दाम जारी करेंगी, वहीं गैस बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया में भी नए नियम प्रभावी होंगे।
नए प्रावधानों के तहत एलपीजी कनेक्शन के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य की जा रही है। उपभोक्ताओं को अपने गैस कनेक्शन को आधार से लिंक कराना होगा, जिससे पहचान सत्यापन सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा गैस बुकिंग और डिलीवरी के दौरान ओटीपी वेरिफिकेशन भी जरूरी होगा।
डिलीवरी सिस्टम में ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) लागू किया जाएगा। सिलेंडर डिलीवरी के समय उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए कोड को साझा करना अनिवार्य होगा। बिना इस कोड के डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी कनेक्शन, कालाबाजारी और गलत वितरण पर रोक लगाना है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी ई-केवाईसी बेहद जरूरी होगी, ताकि सब्सिडी और सरकारी सहायता बिना किसी बाधा जारी रह सके।
विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द अपने गैस कनेक्शन की केवाईसी स्थिति जांच लें, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर सक्रिय रखें और जरूरी अपडेट करा लें। नए बदलाव एलपीजी वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।









