कोलकाता/दोहारिया। पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा की आशंका से जुड़ी सनसनीखेज वारदात सामने आई है। दोहारिया इलाके में बुधवार को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी माने जाने वाले चंद्रनाथ पर बाइक सवार हमलावरों ने फिल्मी अंदाज में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ काले रंग की स्कॉर्पियो से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार कुछ हमलावरों ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने पहले स्कॉर्पियो को ओवरटेक कर रास्ता रोका और फिर बेहद करीब से अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
बताया जा रहा है कि हमले में चंद्रनाथ के सिर, सीने और पेट में कई गोलियां लगी हैं। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस के अनुसार, हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। शुरुआती जांच में इसे सुनियोजित हमला माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्होंने पहले वाहन को रोकने की रणनीति बनाई, उसके बाद बेहद करीब से लगातार फायरिंग की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की पहचान के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गोलियों की आवाज इतनी तेज थी कि कुछ देर तक लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। सड़क पर अचानक चीख-पुकार मच गई और आसपास की दुकानों के शटर तक बंद होने लगे।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस हमले को बेहद गंभीर माना जा रहा है। चंद्रनाथ को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी का करीबी बताया जा रहा है, ऐसे में इस वारदात ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। भाजपा नेताओं ने घटना को लेकर राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पश्चिम Bengal में राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
वहीं दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने दावा किया है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश तेज कर दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर बहस छेड़ दी है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच दिनदहाड़े हुई इस फायरिंग ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।













