नई दिल्ली। विश्व बाल श्रम दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (आईएनटीयूसी) ने बालश्रम के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाते हुए समाज से बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य से जोड़ने की अपील की। संगठन ने बालश्रम उन्मूलन को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए इसके खिलाफ सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष Ashok Singh ने कहा कि बचपन खेलने, सीखने और सपने देखने के लिए होता है, न कि मजदूरी करने के लिए। उन्होंने कहा कि बालश्रम बच्चों के अधिकारों का हनन है और यह समाज के समग्र विकास में बड़ी बाधा बनता है।
अभियान के दौरान लोगों को बालश्रम के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया तथा प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों का शोषण रोकना, उन्हें सुरक्षित वातावरण देना और उनके सम्मान की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आईएनटीयूसी ने अपने संकल्प में तीन प्रमुख बिंदुओं को प्राथमिकता दी। इनमें हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना, बालश्रम एवं शोषण का पूर्ण उन्मूलन करना तथा बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को सर्वोच्च महत्व देना शामिल है।
इस अवसर पर संगठन ने नागरिकों से अपील की कि वे बालश्रम के खिलाफ आवाज उठाएं और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बालश्रम मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी लिया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि सरकार, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही बालश्रम जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षित, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना एक विकसित राष्ट्र की बुनियादी शर्त है।
कार्यक्रम का समापन “बालश्रम खत्म हो पूरा, हर बच्चा पढ़े” के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया।













