जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा तहसील अंतर्गत बीमडा गांव में अवैध बोरवेल खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए दो बोरवेल मशीन ट्रकों को जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध भूजल दोहन करने वाले संचालकों और तथाकथित जल माफियाओं में भारी हड़कंप मच गया है। प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल नियमों के उल्लंघन पर करारा प्रहार मानी जा रही है, बल्कि गिरते भूजल स्तर को बचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार बीमडा गांव में निजी भूमि पर बिना वैध प्रशासनिक अनुमति के गहरे बोरवेल खनन का कार्य कराया जा रहा था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रशासन से की, जिसके बाद बगीचा एसडीएम ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए। प्रशासनिक निर्देश पर राजस्व अमला मौके पर पहुंचा, जहां निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भारी मशीनों के माध्यम से नियमों की अनदेखी करते हुए बोरवेल खनन किया जा रहा था।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित व्यक्तियों के पास बोर खनन के लिए आवश्यक अनुमति, लाइसेंस या वैधानिक दस्तावेज मौजूद नहीं थे। इसके बाद प्रशासन ने बिना देर किए कार्रवाई करते हुए दोनों मशीन ट्रकों को जब्त कर लिया और उन्हें बगीचा थाना परिसर में सुरक्षित रखवा दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में बिना अनुमति भूजल दोहन, अवैध बोरवेल खनन और प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित बोरवेल खनन भूजल स्तर में लगातार गिरावट का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बाहरी संचालकों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध बोरिंग किए जाने से प्राकृतिक जलस्रोतों पर गंभीर दबाव पड़ रहा है, जिससे भविष्य में पेयजल संकट की आशंका बढ़ सकती है।
इसी पृष्ठभूमि में सरकार द्वारा नल-जल योजना को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके तहत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना का उद्देश्य निजी बोरवेल पर निर्भरता कम करना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यदि समय रहते ऐसे अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले वर्षों में जल संकट और गहरा सकता है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बिना अनुमति बोरवेल खनन न कराएं, जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहें और किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।
बीमडा में हुई यह कार्रवाई जिले में एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखी जा रही है कि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और जल संरक्षण के मुद्दे पर अब प्रशासन पूरी सख्ती के साथ मैदान में उतर चुका है।













