एमएसपी प्लांट से ₹14.22 लाख के 30 टन लोहे की हेराफेरी का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। पुलिस ने एमएसपी प्लांट से करीब ₹14.22 लाख मूल्य के 30 टन एमएस चैनल और एमएस बीम की हेराफेरी का सनसनीखेज खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने इस सुनियोजित साजिश का पर्दाफाश किया। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, यह मामला 25 नवंबर 2025 का है, जब ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ईश्वरी सिंह ने थाना चक्रधरनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि एमएसपी प्लांट जामगांव से जमशेदपुर भेजे जाने वाले ₹14,22,783 मूल्य के एमएस चैनल और एमएस बीम को वाहन संख्या CG-15-AC-2383 पर लोड कराया गया था, लेकिन माल निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचा।

जांच के दौरान सामने आया कि कथित चालक ने फर्जी नाम, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और दूसरे ट्रांसपोर्टर के वाहन नंबर का इस्तेमाल कर प्लांट से माल निकलवाया था। असली वाहन मालिक राजेंद्र राम यादव ने पुलिस को बताया कि वह ‘विनोद साहू’ नाम के किसी भी चालक को नहीं जानते।

तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने भगतपुरी गोस्वामी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने फर्जी चालक पुष पुरी गोस्वामी (फर्जी नाम- विनोद साहू), वाहन मालिक विकास मल्लिक, तसौवर अंसारी उर्फ शाहरूख, अभय रवानी और प्रेम रवानी के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। आरोपियों ने ट्रांसपोर्टर के वाहन का नंबर प्लेट लगाकर एमएसपी प्लांट से माल लोड कराया और उसे गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय बेच दिया।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि भगतपुरी गोस्वामी ने घटना में प्रयुक्त ट्रक सहित करीब 30 टन लोहे का सौदा लगभग ₹7 लाख में अभय रवानी को किया था। अभय रवानी ने पुलिस को बताया कि उसने माल और ट्रक अपने परिचित राजीव मल्लिक को बेच दिया। पुलिस अब राजीव मल्लिक और फर्जी चालक पुष पुरी गोस्वामी की तलाश कर रही है।

मामले में पुलिस ने पहले से दर्ज अपराध में धारा 338 बीएनएस तथा धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ दी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपी:

  • भगतपुरी गोस्वामी (जिला जशपुर, छत्तीसगढ़)
  • तसौवर अंसारी उर्फ शाहरूख (जिला लोहरदगा, झारखंड)
  • अभय कुमार रवानी (जिला धनबाद, झारखंड)
  • प्रेम कुमार रवानी (जिला धनबाद, झारखंड)
  • पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस मामले के सफल खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा, एएसआई आशिक रात्रे, प्रधान आरक्षक बालचंद राव, प्रधान आरक्षक रवि किशोर साय, आरक्षक अभिषेक द्विवेदी और आरक्षक विक्रम सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की तकनीकी जांच, साक्ष्यों के विश्लेषण और सूक्ष्म विवेचना से लंबे समय से लंबित इस आर्थिक अपराध का सफल खुलासा संभव हो सका।

ब्यूरो प्रमुख- रायगढ़

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