रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले 72 घंटों के भीतर, यानी 23 जून तक, प्रदेश में मानसून के प्रवेश के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून बस्तर संभाग के रास्ते राज्य में प्रवेश करेगा और धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून सबसे पहले बस्तर क्षेत्र में दस्तक देगा। इसके बाद इसका प्रभाव रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर सहित मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों तक पहुंचेगा। मानसून के सक्रिय होने के साथ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
इस बीच मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अंधड़ और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। अगले 48 से 72 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने तथा बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
किसानों को भी मौसम के ताजा पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की शुरुआत के साथ खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने लगेंगी।
मानसून के आगमन से प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही जलाशयों और भूजल स्तर में सुधार होने की संभावना भी बढ़ जाएगी, जिससे कृषि और पेयजल व्यवस्था को लाभ मिलेगा।













