वाराणसी। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) मुख्यालय, चौकाघाट में रविवार को सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, जवानों और उनके परिजनों ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए नियमित योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आपदा प्रबंधन जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यों में जुटे बचावकर्मियों के बीच शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
इस अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के योग वेलनेस सेंटर के प्रशिक्षक ऋषभ पाण्डेय और यश मौर्य ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योग से शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है और मानसिक तनाव को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
योग दिवस के अवसर पर 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ के जवानों ने केवल वाराणसी तक ही कार्यक्रम सीमित नहीं रखा, बल्कि नमो घाट, सारनाथ, गोरखपुर, लखनऊ और भोपाल सहित विभिन्न शहरों में भी विद्यालयों, सरकारी संस्थानों और अन्य संगठनों के साथ सामूहिक योगाभ्यास कर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित जीवन जीने की एक प्रभावी पद्धति है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक क्षमता, मानसिक एकाग्रता और तनाव प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार होता है, जो आपदा प्रबंधन जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यों में लगे जवानों के लिए बेहद आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ समय-समय पर स्वास्थ्य, फिटनेस और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रहती है, ताकि कर्मियों की कार्यक्षमता और समग्र स्वास्थ्य बेहतर बना रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योग करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया।













