नई दिल्ली। बिहार की राजनीति आज दिल्ली में अहम मोड़ ले सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राजधानी में हैं और शाम 4 बजे उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तय है। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा है, ऐसे में इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं।
भले ही इस मुलाकात को औपचारिक बताया जा रहा हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी अहमियत कहीं ज्यादा मानी जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक में बिहार सरकार के बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। साथ ही मुख्यमंत्री की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की संभावना जताई जा रही है।
दरअसल, बिहार में नई सरकार बनने के बाद भी मंत्रिमंडल अभी अधूरा है। फिलहाल मुख्यमंत्री के अलावा केवल दो उपमुख्यमंत्री ही शपथ ले पाए हैं—विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी। भाजपा कोटे से अब तक किसी मंत्री का नाम सामने नहीं आया है, जिससे प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ने की चर्चा है।
राज्य में अधिकतम 33 मंत्रियों का प्रावधान है, लेकिन अभी तक पूरी कैबिनेट का गठन नहीं हो सका है। ऐसे में नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती जल्द से जल्द टीम तैयार कर शासन को रफ्तार देना है। माना जा रहा है कि दिल्ली में होने वाली इस अहम बैठक के बाद कैबिनेट विस्तार को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।
इधर, 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विश्वास मत पेश करेंगे। राज्य में फिलहाल एनडीए की सरकार है। इससे पहले लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी नीतीश कुमार संभालते रहे हैं।
विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है और सभी विधायकों को इसकी सूचना भेजी जा चुकी है। अब राजनीतिक नजरें दिल्ली की इन बैठकों पर टिकी हैं, जहां से बिहार की सियासत की अगली दिशा तय होने के संकेत मिल सकते हैं।













