वाराणसी। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य में वाराणसी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जनपद प्रभारी मंत्री Suresh Khanna ने कहा कि काशी को आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाते हुए कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में तेज़ी से कार्य किया जाएगा।
सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने जिले की विकास परियोजनाओं और आर्थिक प्रगति की समीक्षा की। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में वाराणसी की अनुमानित जनसंख्या 44.10 लाख है, जबकि जनपद की वर्तमान जीडीपी 56,900 करोड़ रुपये आंकी गई है। राज्य की कुल जीडीपी में वाराणसी का योगदान 1.88 प्रतिशत है और जिले की विकास दर 10.4 प्रतिशत दर्ज की गई है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि वर्ष 2029-30 तक निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए वाराणसी की जीडीपी में लगभग तीन गुना वृद्धि करनी होगी। इसके लिए सभी विभागों को स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध तरीके से काम करना होगा।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन को मजबूत करने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने तथा जैविक खेती के विस्तार पर विशेष जोर दिया। साथ ही पशुओं में नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को गति देने और दुग्ध संग्रहण केंद्रों का विस्तार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में पर्यटन क्षेत्र की उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में वाराणसी में लगभग 17 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ। पर्यटन नीति के तहत 4,017 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावित हैं, जबकि होटल उद्योग में भी तेजी से विस्तार हो रहा है। वर्तमान में जिले में 1,411 होटल संचालित हैं।
मंत्री ने रोजगार सृजन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और एक जिला एक उत्पाद (ODOP) जैसी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार से जोड़ना आवश्यक है।
बैठक में Hansraj Vishwakarma, Poonam Maurya, Saurabh Srivastava, Tribhuwan Ram, Sunil Patel सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक से पूर्व प्रभारी मंत्री ने रविंद्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में जनसुनवाई कर नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।













