रायगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष पूनम पटेल सोलंकी ने इसे भारत के पुनर्जागरण, आत्मगौरव और वैश्विक नेतृत्व के उदय का स्वर्णिम कालखंड बताया है। उन्होंने कहा कि यह अवधि केवल एक सरकार के कार्यकाल का आंकड़ा नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण और विश्व मंच पर उसकी सशक्त पहचान स्थापित करने की गौरवशाली यात्रा है।
जारी वक्तव्य में पूनम पटेल सोलंकी ने कहा कि एक समय देश आतंकवाद, भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और नीतिगत अस्थिरता जैसी चुनौतियों से जूझ रहा था। लेकिन पिछले 12 वर्षों में भारत ने न केवल इन चुनौतियों का सामना किया, बल्कि वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और कूटनीति के केंद्र में अपनी मजबूत उपस्थिति भी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति होने के साथ-साथ वैश्विक उम्मीदों और अपेक्षाओं का नेतृत्व करने वाला राष्ट्र बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास और विरासत के बीच संतुलन स्थापित करने का सफल प्रयास किया गया है। एक ओर देश आधुनिक बुनियादी ढांचे, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी नए गौरव के साथ पुनर्स्थापित कर रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण करोड़ों लोगों की आस्था और लंबे संघर्ष का प्रतीक है।
पूनम पटेल सोलंकी ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, निःशुल्क राशन वितरण और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने समाज के वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था ने भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पहले से अधिक सक्षम और आत्मविश्वास से परिपूर्ण है। आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने वाले नेतृत्व ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि आज विश्व के प्रमुख देश भारत के साथ साझेदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। जी-20 की सफल अध्यक्षता और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका इस बात का प्रमाण है कि भारत अब केवल वैश्विक व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि उसकी दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्र बन चुका है।
पूनम पटेल सोलंकी ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाला समय भारत का होगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश अमृतकाल में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उनके अनुसार पिछले 12 वर्ष इतिहास में उस दौर के रूप में याद किए जाएंगे, जब भारत ने अपने सामर्थ्य को पहचाना, उसे सिद्ध किया और विश्व के सामने अपनी शक्ति का प्रभावी परिचय दिया।













