लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक बड़ी पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब निजी (स्ववित्तपोषित) विद्यालयों में पढ़ने वाली पात्र परिवारों की दूसरी बेटी की ट्यूशन फीस माफ करने की योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए शासन ने चयनित जिलों से विस्तृत जानकारी तलब की है।
संयुक्त सचिव संजय कुमार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, ऐसे परिवार जिनकी एक से अधिक बेटियां स्कूल या कॉलेज में अध्ययनरत हैं, उनकी दूसरी बेटी की ट्यूशन फीस माफ करने की व्यवस्था की जाएगी। फीस या तो संबंधित शिक्षण संस्थान द्वारा माफ की जाएगी अथवा उसकी प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करेगी।
योजना के प्रारंभिक चरण में सात जिलों—कानपुर नगर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर और लखनऊ—को शामिल किया गया है। इन जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को निर्देश दिए गए हैं कि वे यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध सभी स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों की कक्षा 9 से 12 तक की ट्यूशन फीस का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराएं।
शासन स्तर पर योजना की तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। 22 जून को अपर मुख्य सचिव (महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार) की अध्यक्षता में इस संबंध में बैठक हो चुकी है। अब 1 जुलाई 2026 को प्रस्तावित समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को संकलित आंकड़ों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि योजना लागू होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर निजी विद्यालयों की फीस का बोझ कम होगा और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। अंतिम रूप मिलने के बाद इस योजना का लाभ प्रदेश की बड़ी संख्या में छात्राओं तक पहुंचने की संभावना है।









