वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रावण मास-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार प्रोटोकॉल और विशेष दर्शन की सुविधा पूरी तरह बंद रहेगी। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे श्रावण मास में सभी श्रद्धालुओं को केवल सामान्य कतार के माध्यम से ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन कराए जाएंगे। इस संबंध में मंगलवार को मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण, पुलिस, प्रशासन, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग तथा मंदिर प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा और इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा शिविर, ओआरएस, औद्योगिक एयर कूलर, ई-रिक्शा, गोल्फ कार्ट, खोया-पाया केंद्र तथा केंद्रीय पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही धाम परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, सुरक्षा उपकरणों तथा विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर के आसपास लटक रहे बिजली के तारों को भी व्यवस्थित किया जाएगा।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी दलाल या विशेष दर्शन के नाम पर धन मांगने वाले लोगों के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या मंदिर प्रशासन को दें।
श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे खाली पेट दर्शन के लिए कतार में न लगें। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ईयरफोन, बड़े बैग, तंबाकू तथा अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अत्यधिक भीड़ के कारण इस बार निःशुल्क बैगेज काउंटर भी संचालित नहीं किए जाएंगे।
श्रावण के चारों सोमवार को बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। वहीं वृद्ध, दिव्यांग और अशक्त श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध रहेगी, ताकि उन्हें दर्शन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
जो श्रद्धालु श्रावण मास में काशी नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट, यूट्यूब चैनल और अधिकृत डिजिटल माध्यमों पर बाबा विश्वनाथ के लाइव दर्शन की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी। प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और दर्शन व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, ताकि श्रावण मास शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।













