काशी में अवैध जुए के आरोपों पर उठे सवाल, कार्रवाई को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही की मांग

वाराणसी। धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत के लिए विश्वविख्यात काशी में कथित अवैध जुए के संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई शिकायतों और मीडिया रिपोर्टों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोपों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर चर्चा तेज कर दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध गतिविधियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई भी उसी गंभीरता से दिखाई देनी चाहिए। लगातार शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई न होने से लोगों के मन में कई तरह के सवाल पैदा हो रहे हैं।

जनता के बीच यह भी चर्चा है कि इस मुद्दे पर क्षेत्र के विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट सार्वजनिक पहल सामने क्यों नहीं आई। लोगों का कहना है कि यदि शिकायतें लगातार मिल रही हैं, तो जनप्रतिनिधियों को प्रशासन से जवाब मांगते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास करना चाहिए।

लेख में यह भी सवाल उठाया गया है कि कानून-व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की भी नैतिक और लोकतांत्रिक जवाबदेही है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई से ही जनता का विश्वास मजबूत हो सकता है।

साथ ही यह भी कहा गया है कि वाराणसी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपराध के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यदि अवैध गतिविधियों के आरोप लगातार सामने आते हैं, तो स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

वाराणसी ब्यूरो चीफ-अमर शर्मा

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