बढ़ती गंगा ने बदली काशी की रफ्तार, घाटों पर स्नान-पूजन की व्यवस्था में बदलाव

वाराणसी। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर का असर अब काशी के प्रमुख घाटों पर साफ दिखाई देने लगा है। निचली सीढ़ियां पानी में समाने लगी हैं, जबकि कई घाटों के किनारे स्थित मंदिरों तक गंगा का जल पहुंचने से श्रद्धालुओं की दिनचर्या बदल गई है। प्रशासन ने भी सुरक्षा को देखते हुए घाटों पर सतर्कता बढ़ा दी है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार सुबह 11 बजे गंगा का जलस्तर 61.28 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जलस्तर में लगभग 20 मिलीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

जलस्तर बढ़ने के कारण कई घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को अब ऊपरी सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ मंदिरों तक पानी पहुंचने से श्रद्धालु बाहर से ही दर्शन-पूजन कर रहे हैं।

भभुआ पांडेय घाट निवासी रवि पांडेय ने बताया कि पहले जहां लोग घाट की निचली सीढ़ियों पर स्नान करते थे, अब उन्हें ऊपरी हिस्से में स्नान करना पड़ रहा है। वहीं शिवगंगा दैनिक प्रभात फेरी के संगठन मंत्री नरेंद्र नाथ ने बताया कि उनकी टोली ने भी बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अहिल्याबाई घाट के बजाय सुरक्षित स्थान पर स्नान शुरू कर दिया है।

स्थिति को देखते हुए जल पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस घाटों पर लगातार गश्त कर रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है। नमो घाट सहित कई प्रमुख घाटों पर भी जलस्तर का असर दिखाई देने लगा है। यदि पानी इसी गति से बढ़ता रहा तो सुरक्षा के मद्देनजर कुछ क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही सीमित की जा सकती है।

वाराणसी ब्यूरो चीफ-अमर शर्मा

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