वाराणसी। उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब वाराणसी में गंगा के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से घाटों की निचली सीढ़ियां और कई छोटे मंदिर पानी की चपेट में आ गए हैं। इससे घाटों पर स्नान और पूजा-पाठ की व्यवस्था में बदलाव करना पड़ा है।
केंद्रीय जल आयोग के मिडिल गंगा डिवीजन के अनुसार सोमवार सुबह 10 बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 61.28 मीटर दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर लगभग 20 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। हालांकि, फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है।
बढ़ते जलस्तर के चलते निचले घाटों पर स्नान बंद कर श्रद्धालुओं को ऊपरी सीढ़ियों पर स्नान कराया जा रहा है। कई घाट किनारे स्थित छोटे मंदिरों तक भी गंगा का पानी पहुंच गया है, जिससे श्रद्धालु बाहर से ही दर्शन-पूजन कर रहे हैं।
प्रशासन, जल पुलिस और अन्य संबंधित विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। घाटों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से अपील की गई है कि वे गंगा किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।
यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो आवश्यकता पड़ने पर घाटों के कुछ हिस्सों में आम लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रोक भी लगाई जा सकती है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सतर्कता बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।









