वाराणसी। निराश्रित गोवंशों और अन्य पशुओं के संरक्षण को लेकर किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगा है। राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के जिलाध्यक्ष जहीर बाबा उर्फ अबू हुरैरा की पहल पर नगर निगम के नक्खी घाट स्थित कांजी हाउस की व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे वहां रह रहे पशुओं को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले तक नक्खी घाट कांजी हाउस की स्थिति काफी दयनीय थी। भीषण गर्मी के दौरान पशुओं को खुले आसमान के नीचे रखा जाता था। उनके लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल और छाया की समुचित व्यवस्था नहीं थी। साथ ही परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के जिलाध्यक्ष जहीर बाबा ने इस समस्या को गंभीरता से उठाते हुए कई बार नगर निगम प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। अपेक्षित कार्रवाई न होने पर उन्होंने जिलाधिकारी, नगर आयुक्त एवं संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की। लगातार प्रयासों और शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और व्यवस्थाओं में सुधार की प्रक्रिया शुरू की।
बताया जाता है कि इसके बाद कांजी हाउस में व्यापक बदलाव किए गए। पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए टीन शेड लगाए गए, पंखों की व्यवस्था की गई तथा स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। इसके अलावा कर्मचारियों द्वारा नियमित रूप से सुबह और शाम सफाई कराई जा रही है, जिससे परिसर का वातावरण पहले की तुलना में काफी बेहतर और स्वच्छ हो गया है।
जिलाध्यक्ष जहीर बाबा ने प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पशु सेवा और संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी निराश्रित पशुओं के लिए इसी प्रकार संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने भी नक्खी घाट कांजी हाउस में हुए सुधारों की सराहना करते हुए इसे पशु कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल बताया है। उनका कहना है कि बेहतर व्यवस्थाओं से पशुओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल रहा है, जो समाज की संवेदनशीलता का सकारात्मक उदाहरण है।













