नई दिल्ली। NEET-UG 2026 की परीक्षा व्यवस्था और कथित पेपर लीक से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है। न्यायालय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही खामियों को दूर कर पूरी परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाना आवश्यक है।
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त सुधारात्मक कदम भी लागू कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पूरे मामले की निगरानी करेगा ताकि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की गई है।









