वाराणसी। शिवपुर स्थित पंचक्रोशी परिक्रमा के चौथे पड़ाव पांचों पांडव मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम शनिवार को बिना कार्रवाई किए वापस लौट गई। कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय श्रद्धालुओं में नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
श्रद्धालुओं के अनुसार, नगर निगम के लेखपाल और कानूनगो जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचे थे, लेकिन मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर बनी दुकानों को नहीं हटाया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर परिसर में कई दुकानें किराए पर संचालित हो रही हैं, जिनमें एक दुकान में महंत का रेस्टोरेंट भी चल रहा है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि इन निर्माणों के कारण मंदिर का करीब 50 फीट चौड़ा प्रवेश मार्ग सिमटकर लगभग तीन फीट रह गया है। इससे पंचक्रोशी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और रामेश्वर की ओर से आने-जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने 22 जून 2026 को पांचों पांडव मंदिर परिसर का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असंतोष है।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और नगर निगम की टीम द्वारा कार्रवाई अधूरी छोड़कर वापस लौटने के कारणों को स्पष्ट किया जाए। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग की व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन को इस मामले में गंभीरता से कदम उठाना चाहिए।









