प्रयागराज। शहर में अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है, जिससे आम लोगों की गाढ़ी कमाई पर खतरा मंडराने लगा है। अलग-अलग इलाकों में सक्रिय भूमाफिया गिरोह लोगों को लालच और भ्रम में डालकर भूखंड बेच रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, ये गिरोह प्रयागराज विकास प्राधिकरण से सीमित क्षेत्र का लेआउट पास कराकर उससे कहीं अधिक जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। खरीदारों को विश्वास में लेने के लिए स्वीकृत नक्शा दिखाया जाता है, लेकिन असल में बिक्री उस क्षेत्र से बाहर की जमीन की की जाती है।
उदाहरण के तौर पर, महज 10-15 बिस्वा जमीन का लेआउट पास कराया जाता है, जबकि प्लाटिंग 15 से 20 बीघा तक फैला दी जाती है। इस तरह लोग कागजों में सुरक्षित निवेश समझकर जमीन खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में निर्माण के दौरान जब प्राधिकरण की कार्रवाई होती है, तब ठगी का एहसास होता है।
शहर के झलवा, पीपल गांव, मरियाडीह, रसूलपुर, नैनी, झूसी, फाफामऊ और द्रोपदीघाट जैसे क्षेत्रों में यह नेटवर्क तेजी से फैल चुका है। पिछले कुछ वर्षों में कई बार कार्रवाई होने के बावजूद यह अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।
प्राधिकरण का कहना है कि अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी स्वीकृत लेआउट के विपरीत प्लाटिंग पाई जाएगी, वहां ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
विशेषज्ञों ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जमीन खरीदने से पहले लेआउट की वैधता, भू-स्वामित्व, नक्शा स्वीकृति और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच करना बेहद जरूरी है। केवल अधिकृत और कानूनी रूप से स्वीकृत परियोजनाओं में ही निवेश करना सुरक्षित रहेगा, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।













