गांजा-भांग तस्करी मामले में तीन आरोपी दोषमुक्त, कोर्ट ने दिया संदेह का लाभ

वाराणसी। अवैध गांजा और भांग की तस्करी के करीब 14 वर्ष पुराने मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। फास्ट ट्रैक कोर्ट (द्वितीय) के न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने सुनवाई के बाद आरोप सिद्ध न होने पर आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

दोषमुक्त किए गए आरोपियों में जैतपुरा निवासी कृष्ण कुमार, भभुआ (बिहार) निवासी फूलचंद यादव और अलीनगर (चंदौली) निवासी सूरज प्रजापति शामिल हैं। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव और बृजपाल सिंह यादव ‘गुड्डू’ ने पैरवी की।

2012 में दर्ज हुआ था मामला

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 15 जुलाई 2012 को आदमपुर थानाध्यक्ष अवनीश पाल सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि प्रहलाद घाट निवासी किशन लाल यादव गांजे की तस्करी करता है और उसके घर में बड़ी मात्रा में गांजा रखा हुआ है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम किशन लाल यादव के मकान पर पहुंची। वहां एक हीरो होंडा ग्लैमर मोटरसाइकिल खड़ी मिली। पुलिस के अनुसार, मकान के अंदर तीन व्यक्ति मौजूद थे। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में गांजा और भांग बरामद होने का दावा किया गया।

32 किलो से अधिक गांजा और 103 किलो भांग बरामदगी का दावा

अभियोजन के मुताबिक, तलाशी के दौरान 32 किलो 200 ग्राम गांजा और 103 किलो 400 ग्राम भांग बरामद हुई थी। मौके पर मौजूद लोगों की पहचान किशन लाल यादव, फूलचंद यादव और सूरज प्रजापति के रूप में बताई गई थी।

मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था।

गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला

मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अभियोजन के आरोपों और साक्ष्यों पर सवाल उठाए। अदालत ने गवाहों के बयान तथा बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोप सिद्ध नहीं पाए।

इसके बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।

वाराणसी ब्यूरो चीफ-अमर शर्मा

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