हाथरस। जिले के चंदपा थाने में हिरासत के दौरान एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। युवक का शव थाने के शौचालय में रोशनदान से गमछे के सहारे लटका हुआ मिला। घटना सामने आते ही पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी और ड्यूटी पर तैनात सिपाही को निलंबित कर दिया है।
पुलिस के मुताबिक, मृतक चंद्रपाल (30) लोनी का निवासी था। उसे एक नाबालिग किशोरी को भगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। किशोरी के पिता की तहरीर पर अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस दोनों को गाजियाबाद से बरामद कर हाथरस लाई थी, जहां किशोरी को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया, जबकि चंद्रपाल को थाने में रखा गया।
घटना के अनुसार, रात करीब 9:50 बजे चंद्रपाल ने शौचालय जाने की बात कही। ड्यूटी पर मौजूद सिपाही उसे वहां ले गया। काफी देर तक बाहर न आने पर संदेह हुआ और अंदर जाकर देखा गया तो वह गमछे के फंदे से लटका मिला। उसे तुरंत नीचे उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने पहले उनके पिता को अवैध रूप से हिरासत में रखा और बाद में चंद्रपाल को बुलाने का दबाव बनाया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं, किशोरी ने अपने बयान में कहा है कि चंद्रपाल उसे जबरन अपने साथ ले गया था और दोनों के बीच किसी प्रकार का प्रेम संबंध नहीं था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में चंदपा थाना प्रभारी और ड्यूटी सिपाही को निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच एएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। साथ ही थाने के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद जिले में पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।













