वाराणसी। लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुई अग्निकांड की घटना के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने शहर के व्यावसायिक भवनों में बेसमेंट के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण अब ऐसे भवनों की व्यापक जांच करेगा, जहां पार्किंग के लिए स्वीकृत बेसमेंट का उपयोग दुकानों, गोदामों या कर्मचारियों के आवास के रूप में किया जा रहा है।
सोमवार को वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी जोनल अधिकारियों और अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाकर ऐसे भवनों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बेसमेंट का व्यावसायिक उपयोग न केवल भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में गंभीर सुरक्षा खतरा भी पैदा करता है।
वीडीए के अनुसार कई व्यावसायिक परिसरों में बेसमेंट को अवैध रूप से दुकान, कार्यालय, गोदाम अथवा कर्मचारियों के रहने के स्थान के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे मामलों में पहले निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर लखनऊ की घटना के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा और मानकों की जांच का अभियान चलाया जा रहा है। कई जिलों में स्वीकृत नक्शा, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर भवनों को सील भी किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वाराणसी में भी अवैध निर्माण, मानचित्र के विपरीत उपयोग और बेसमेंट के दुरुपयोग के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी भवन स्वामियों को निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ सीलिंग सहित विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वीडीए अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शहर में भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना है। निरीक्षण अभियान आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा।













