जशपुर। जशपुर पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने विभागीय जांच के बाद तीन आरक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया, जबकि दो अन्य आरक्षकों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
पुलिस रेगुलेशन 221(अ) के तहत 29 मई 2026 को जारी आदेश में यह कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि संबंधित आरक्षक लंबे समय से बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहते थे। कई अवसर दिए जाने और चेतावनी के बावजूद उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ।
बर्खास्त किए गए आरक्षकों में संतोष कुमार राम, नेल्सन तिग्गा और अशोक कुमार एक्का शामिल हैं। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार तीनों आरक्षक अपने सेवा काल के दौरान कई बार लंबे समय तक अनुपस्थित रहे और उनके खिलाफ पूर्व में भी अनेक अनुशासनात्मक कार्रवाइयां हो चुकी थीं।
वहीं आरक्षक इरीमियस कुजूर की एक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोक दी गई है। जबकि आरक्षक बिंदेश्वर राम को एक वर्ष के लिए न्यूनतम वेतनमान पर भेज दिया गया है, जिससे उनकी भविष्य की वेतनवृद्धि और पेंशन पर भी असर पड़ेगा।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, लापरवाही और स्वेच्छाचारिता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्तव्य के प्रति उदासीन रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस विभाग के अनुसार सभी आरक्षकों पर छत्तीसगढ़ पुलिस रेगुलेशन और सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप सिद्ध हुआ है। कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है और इसे अनुशासन बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।













