वाराणसी। काशी की ऐतिहासिक दालमंडी गली के चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद वाराणसी प्रशासन इस परियोजना को मिशन मोड में आगे बढ़ा रहा है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने स्पष्ट कर दिया है कि 5 जनवरी के बाद दालमंडी क्षेत्र में दोबारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से दालमंडी इलाके में मुनादी कराई गई। मुनादी के माध्यम से उन सभी भवन और दुकान मालिकों को सूचित किया गया है, जिन्होंने अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री पूरी कर ली है और मुआवजा प्राप्त कर चुके हैं, वे एक सप्ताह के भीतर अपने मकान व प्रतिष्ठान खाली कर दें, ताकि निर्धारित तिथि से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बिना किसी बाधा के शुरू की जा सके।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता के.के. सिंह ने बताया कि नवंबर माह के बाद कुछ कारणों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। अब सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है कि 5 जनवरी से अभियान को फिर से शुरू किया जाएगा। इसके लिए पुलिस, नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों से आवश्यक समन्वय कर लिया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत चौक थाना परिसर में पीडब्ल्यूडी द्वारा रजिस्ट्री के लिए कैंप कार्यालय स्थापित किया गया है। विभाग के अनुसार अब तक 40 मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। प्रतिदिन 15 से 20 लोग रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी लेने कैंप कार्यालय पहुंच रहे हैं। अधिकारियों द्वारा लोगों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ जल्द से जल्द रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि परियोजना में देरी न हो।
अब तक इस परियोजना के अंतर्गत 6 मकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया जा चुका है। कुल 186 मकानों और दुकानों को चौड़ीकरण के लिए चिह्नित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और इसे तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
गौरतलब है कि दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 51वें काशी दौरे के दौरान किया था। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 215.88 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें से लगभग 191 करोड़ रुपये भवन और दुकान मालिकों को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार दालमंडी गली को लगभग 650 मीटर लंबाई में 60 फुट चौड़ा किया जाएगा। इसमें 30 फुट चौड़ी सड़क और दोनों ओर 15-15 फुट की पटरी बनाई जाएगी। बिजली, पानी और सीवर की सभी लाइनें अंडरग्राउंड होंगी, जिससे तारों के जंजाल से मुक्ति मिलेगी।
चौड़ीकरण के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुगम होगी और बाजार की रौनक बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन का दावा है कि इस परियोजना से स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।













