रायगढ़। जिला खनिज न्यास (DMF) के कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन ने नई दिल्ली की AFC India Limited को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) की जिम्मेदारी सौंपी है। देशभर की नौ प्रमुख कंपनियों के बीच हुई प्रतिस्पर्धा में AFC इंडिया लिमिटेड को सर्वाधिक अंक प्राप्त हुए, जिसके बाद कंपनी का चयन किया गया।
अब यह कंपनी रायगढ़ जिले में डीएमएफ से जुड़े सभी कार्यों का संचालन करेगी। इसमें विकास परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करना, योजनाओं की निगरानी, टेंडर प्रक्रिया, निर्माण कार्यों की प्रगति और वित्तीय प्रबंधन तक की जिम्मेदारी शामिल होगी।
रायगढ़ जिले को कोयला उत्पादन के आधार पर प्रतिवर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये डीएमएफ फंड मिलने का अनुमान है। हालांकि पिछले वर्षों में करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद खनन प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित विकास नहीं दिख पाया। बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी आवश्यक सेवाओं की कमी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के तहत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष खनन प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के उद्देश्य से प्रशासन ने आउटसोर्सिंग मॉडल अपनाया है।
करीब 50 वर्षों के अनुभव वाली AFC India Limited इस कार्य के लिए सालाना लगभग 1.01 करोड़ रुपये की लागत से सेवाएं देगी। कंपनी के तहत टीम लीडर, सिविल विशेषज्ञ, फाइनेंस एवं ऑडिट विशेषज्ञ और सोशल एंड लाइवलीहुड विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से डीएमएफ फंड के उपयोग में पारदर्शिता बढ़ेगी और खनन प्रभावित क्षेत्रों में वास्तविक विकास कार्यों को गति मिलेगी।













