वाराणसी। राजातालाब क्षेत्र स्थित पंचकोशी यात्रा के दूसरे पड़ाव भीमचंडी धर्मशाला नंबर-4 में पुरुषोत्तम मास के दौरान भक्ति, सेवा और समर्पण का अनूठा दृश्य देखने को मिला। कैलाश मठ चैरिटेबल ट्रस्ट काशी के महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरी अपने सैकड़ों श्रद्धालु भक्तों के साथ यहां विश्राम के लिए पहुंचे, जहां यात्रियों के लिए भोजन, पानी, सफाई और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई थी।
धर्मशाला परिसर में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ संतों की सेवा की। ग्राम प्रधान विजय गुप्ता ने स्वामी आशुतोषानंद गिरी के चरण दबाकर आशीर्वाद प्राप्त किया, जबकि कई श्रद्धालु यात्रियों की थकान दूर करने के लिए उनके सिर और पैर दबाते नजर आए। पूरा परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा।
ग्राम प्रधान विजय गुप्ता ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए नगर निगम की ओर से 10 सफाई कर्मियों और तीन पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई है। वहीं आराजी लाइन ब्लॉक की तरफ से 20 अतिरिक्त सफाई कर्मियों को लगाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। राजातालाब पुलिस और पीएसी के जवान लगातार पैदल गश्त करते रहे। खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह यादव के निर्देश पर सेक्रेटरी ललित कुमार और ग्राम पंचायत की टीम ने धर्मशालाओं, शौचालयों, बिजली, पानी और पंखों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई।
भोजन वितरण के बाद ग्राम प्रधान विजय गुप्ता स्वयं जूठे पत्तल उठाकर सफाई करते नजर आए, जिसकी लोगों ने सराहना की। विश्राम के बाद श्रद्धालु भक्तों का जत्था अगले पड़ाव रामेश्वर के लिए रवाना हो गया।









