दमोह। फर्जी MBBS डिग्री और नकली मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए डॉक्टर बनकर नौकरी करने वाले बड़े रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि सभी फर्जी दस्तावेजों के सहारे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में नौकरी कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों में डॉ. सचिन यादव, डॉ. राजपाल गौर, डॉ. अजय मौर्य और हीरा सिंह कौशल शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 8 से 10 लाख रुपये देकर फर्जी MBBS डिग्री खरीदी थी और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नकली रजिस्ट्रेशन नंबर हासिल किए थे।
इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में नौकरी भी प्राप्त कर ली थी। जांच के दौरान जीवाजी यूनिवर्सिटी और रीवा मेडिकल कॉलेज का नाम भी सामने आया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित फर्जीवाड़ा हो सकता है, जिसमें कई अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका है। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों की सत्यता, भर्ती प्रक्रिया और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।









