प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2027-28 से कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों को National Council of Educational Research and Training (एनसीईआरटी) की पुस्तकों से पढ़ाया जाएगा। यह व्यवस्था प्रदेश के 1.25 लाख से अधिक प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग पहले ही कक्षा 1 से 4 तक एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम लागू कर चुका है। वर्तमान सत्र में कक्षा 4 में नई पुस्तकें लागू की गई हैं, जबकि कक्षा 1 से 3 तक एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पहले से संचालित है।
नई व्यवस्था के तहत कक्षा 5 की हिंदी, गणित, पर्यावरण अध्ययन, कला और उर्दू विषयों की पुस्तकें तथा कक्षा 6 से 8 तक की सामाजिक विज्ञान की पुस्तकों को उत्तर प्रदेश की स्थानीय आवश्यकताओं और शैक्षिक परिवेश के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
इसके लिए विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और विशेषज्ञों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- विज्ञान एवं गणित विषयों का कार्य State Science Education Institute द्वारा किया जा रहा है।
- अंग्रेजी विषय की सामग्री Institute of English Language Teaching तैयार कर रहा है।
- हिंदी विषय की पुस्तकों का कार्य State Hindi Institute Varanasi को सौंपा गया है।
विशेषज्ञों द्वारा तैयार सामग्री को State Council of Educational Research and Training की संस्तुति के बाद बेसिक शिक्षा परिषद की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, एनसीईआरटी द्वारा विकसित नई पुस्तकों में उत्तर प्रदेश की स्थानीय संस्कृति, इतिहास, भौगोलिक विशेषताओं और सामाजिक संदर्भों को शामिल करने के लिए कई कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। चयनित सामग्री को अंतिम पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय संदर्भों से भी जोड़ना है।













