नोएडा (जेवर)। लंबे इंतजार के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू होने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। वर्षों से निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से न केवल हवाई संपर्क मजबूत होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
पहले दिन लखनऊ से आने वाली विमान सेवा ने सुबह एयरपोर्ट पर लैंडिंग कर संचालन की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद यहां से बेंगलुरु के लिए पहली नियमित उड़ान रवाना हुई। इस ऐतिहासिक अवसर को खास बनाने के लिए एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों और श्रमिकों को भी विशेष उड़ान से यात्रा कराई गई।
दिल्ली एयरपोर्ट का दबाव होगा कम
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भर हैं, लेकिन अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एनसीआर, आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर, मथुरा और आसपास के जिलों के लोगों को एक नया विकल्प मिलेगा।
व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
एयरपोर्ट के संचालन से आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और सेवा क्षेत्र में नए निवेश आने की उम्मीद जताई जा रही है। कई कंपनियां पहले ही एयरपोर्ट के आसपास अपनी व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाने की योजना बना रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि माल परिवहन की गति तेज होगी और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान बनेगी।
हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार
एयरपोर्ट के पूर्ण संचालन के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सुरक्षा, ग्राउंड स्टाफ, तकनीकी सेवाएं, खानपान, परिवहन, रखरखाव, होटल और पर्यटन क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
इसके अलावा स्थानीय व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को भी नई आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिलने की संभावना है।
बेहतर कनेक्टिविटी पर रहेगा जोर
एयरपोर्ट तक यात्रियों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सड़क और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को लगातार मजबूत किया जा रहा है। विभिन्न शहरों को जोड़ने के लिए बस सेवाओं और भविष्य में मेट्रो तथा रैपिड रेल जैसी परियोजनाओं को भी विस्तार देने पर काम किया जा रहा है।
यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल टिकटिंग, पार्किंग प्रबंधन और आधुनिक यात्री सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
किसानों और स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व
एयरपोर्ट निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसानों ने इसे क्षेत्र के विकास का नया अध्याय बताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से जिस परियोजना का इंतजार था, वह अब वास्तविक रूप ले चुकी है और आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिलेगा।
पर्यटन क्षेत्र को भी मिलेगी नई गति
नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने से आगरा, मथुरा, वृंदावन और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों तक देश और विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान हो जाएगी। इससे होटल उद्योग और पर्यटन आधारित व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भविष्य की बड़ी परियोजनाओं का केंद्र बनेगा जेवर
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में जेवर क्षेत्र एक बड़े आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। एयरपोर्ट के आसपास एयरोसिटी, लॉजिस्टिक्स पार्क, व्यावसायिक कॉरिडोर और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विकास की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होना केवल एक नई हवाई सेवा की शुरुआत नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और बुनियादी ढांचे को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













